
आज के दौर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) एक गंभीर चिंता का विषय है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि विज्ञान ने हमें इससे लड़ने के लिए एक शक्तिशाली हथियार दिया है—HPV Vaccination।
भारत में कैंसर के मरीज़ों की संख्या बढ़ रही है, खासकर लेडीज़ और महिलाओं में, भारत में सर्वाइकल कैंसर सबसे ज़्यादा देखा जा रहा है, ऐसा क्यों है, अब इसका कोई खास कारण तो नहीं है, लेकिन यह एक ऐसी बीमारी है जो बहुत तेज़ी से बढ़ रही है, इसलिए सरकार ने फ़ैसला लिया है कि लड़कियों को यह SPB वैक्सीन पहले से दी जाएगी ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर न हो, अभी तक यह वैक्सीन 15 साल तक की लड़कियों को फ़्री में दी जाएगी, सरकार ने यह घोषणा की है और आप चाहें तो बाकी वैक्सीन भी लगवा सकते हैं,
क्योंकि यह वैक्सीन सबसे ज़्यादा असरदार है, अगर आप इसे 15 साल से कम उम्र में लगवाते हैं तो यह वैक्सीन ज़्यादा असरदार है, जिसकी वजह से कैंसर के ज़्यादातर मरीज़ महिलाओं में हैं, सरकार ने यह फ़ैसला लिया है, इसकी डिटेल्स आप ऑफ़िस पोस्ट में देख सकते हैं।
हाल ही में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर HPV Vaccination Drive की घोषणा ने इस विषय को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि यह वैक्सीन क्या है, क्यों जरूरी है और आपको इसके बारे में क्या पता होना चाहिए।
1. HPV क्या है और यह कैंसर कैसे फैलाता है?
HPV (Human Papillomavirus) वायरस का एक समूह है जो त्वचा और शरीर की झिल्लियों (membranes) को प्रभावित करता है।
- संक्रमण का तरीका: यह मुख्य रूप से शारीरिक संपर्क के माध्यम से फैलता है।
- कैंसर का खतरा: हालांकि HPV के कई प्रकार सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ ‘High-risk’ स्ट्रेन (जैसे टाइप 16 और 18) लंबे समय तक शरीर में रहने पर सर्वाइकल कैंसर, योनि का कैंसर और यहाँ तक कि गले के कैंसर का कारण बन सकते हैं।
- सरकार की पहल: भारत सरकार ने 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए Free Nationwide HPV Vaccination Drive की योजना बनाई है। इसे स्कूलों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
- स्वदेशी वैक्सीन: भारत ने अपनी पहली स्वदेशी वैक्सीन CERVAVAC विकसित की है, जो विदेशी वैक्सीन (जैसे Gardasil) की तुलना में काफी सस्ती और प्रभावी है।my.clevelandclinic.org
| कैटेगरी | सही उम्र (Recommended Age) | डोज की संख्या (Dosage) |
|---|---|---|
| लड़कियां (Primary Target) | 9 से 14 वर्ष | 2 डोज (6 महीने के अंतराल पर) |
| युवा महिलाएं | 15 से 26 वर्ष | 3 डोज (0, 1/2, और 6 महीने) |
| एडल्ट्स (Catch-up) | 27 से 45 वर्ष |
4. HPV Vaccination Cost: कीमत और उपलब्धता
अक्सर लोग HPV Vaccination Cost को लेकर चिंतित रहते हैं।
- Private Hospitals: निजी अस्पतालों में Gardasil-9 जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स की कीमत ₹7,000 से ₹11,000 प्रति डोज तक हो सकती है।
- Cervavac (Indigenous): भारत की स्वदेशी वैक्सीन की कीमत काफी कम (लगभग ₹200 से ₹500 प्रति डोज सरकारी स्तर पर) होने की उम्मीद है।
- Free Drive: सरकारी स्कूलों और केंद्रों पर यह लक्षित आयु वर्ग (9-14 वर्ष) के लिए पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।PM Kisan 22nd Installment Date 2026: लाभार्थी सूची और पेमेंट स्टेटस चेक करने की पूरी प्रक्रिया
5. HPV Vaccination in Jaipur & Other Cities
अगर आप HPV Vaccination near me या HPV Vaccination in Jaipur सर्च कर रहे हैं, तो आप निम्नलिखित जगहों पर संपर्क कर सकते हैं:
- अपने नजदीकी सरकारी जिला अस्पताल (District Hospitals)।
- प्राइवेट गायनेकोलॉजिस्ट (Gynecologists) और पीडियाट्रिशियन (Pediatricians)।
- बड़े निजी हॉस्पिटल नेटवर्क जैसे Fortis, Apollo, या Manipal।
6. Myths vs. Facts: वैक्सीन से जुड़े भ्रम और सच्चाई
भ्रम (Myth): क्या यह वैक्सीन भविष्य में फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) को प्रभावित करती है?
सच्चाई (Fact): बिल्कुल नहीं। दुनिया भर के क्लीनिकल ट्रायल्स में यह साबित हो चुका है कि HPV वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसका फर्टिलिटी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
भ्रम (Myth): क्या शादी के बाद यह वैक्सीन बेकार है?
सच्चाई (Fact): नहीं, शादी या यौन संबंध शुरू होने के बाद भी यह वैक्सीन उन HPV स्ट्रेन से सुरक्षा प्रदान करती है जिनसे आप अब तक संक्रमित नहीं हुए हैं।
7. आपको यह वैक्सीन क्यों लगवानी चाहिए? (Top Benefits)
- Life-Saving: यह सर्वाइकल कैंसर के खतरे को 90% तक कम कर देती है।
- Warts Prevention: यह जननांगों के मस्सों (Genital Warts) से सुरक्षा प्रदान करती है।
- Herd Immunity: जब अधिक लोग वैक्सीन लगवाते हैं, तो समाज में वायरस का प्रसार कम हो जाता है।
- Peace of Mind: अपनी बेटी या स्वयं को एक जानलेवा बीमारी से सुरक्षित करना मानसिक शांति देता है।
8. HPV Vaccination Schedule और प्रक्रिया
वैक्सीन लगवाने की प्रक्रिया बहुत सरल है। यह एक मांसपेशियों में लगने वाला इंजेक्शन (Intramuscular injection) है, जो आमतौर पर कंधे पर लगाया जाता है।
- पहला डोज: दिन 0
- दूसरा डोज: 6 महीने बाद (9-14 वर्ष के लिए)
- तीसरा डोज: (यदि 15+ हैं) तो पहले डोज के 6 महीने बाद।
9. 2026 Update: भारत सरकार का ‘मिशन सर्वाइकल कैंसर मुक्त भारत’
फरवरी 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, भारत सरकार ने 90-दिवसीय विशेष अभियान (90-day campaign) शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 14 वर्ष की आयु वाली लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को कवर करना है।
- U-WIN पोर्टल का उपयोग: जैसे कोविड के समय CoWIN था, वैसे ही अब U-WIN प्लेटफॉर्म के जरिए आप HPV वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं।
- Single-Dose Regimen: WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) और भारत के NTAGI की सिफारिशों के आधार पर, अब सरकारी अभियान में एकल खुराक (Single-dose) को प्रभावी माना जा रहा है, जिससे कवरेज बढ़ाना आसान हो गया है।
10. Cervavac vs Gardasil: आपके लिए क्या बेहतर है?
वैक्सीन चुनते समय अक्सर लोग उलझन में रहते हैं। यहाँ एक तुलना दी गई है:
| फीचर | Cervavac (Indigenously Made) | Gardasil 9 (International) |
|---|---|---|
| निर्माता | Serum Institute of India (SII) | MSD (Merck) |
| प्रकार | Quadrivalent (4 स्ट्रेन – 6, 11, 16, 18) | Nonavalent (9 स्ट्रेन) |
| सुरक्षा | सर्वाइकल कैंसर और मसों (Warts) से | 5 अतिरिक्त कैंसर पैदा करने वाले स्ट्रेन से |
| अनुमानित कीमत | ₹1,400 – ₹2,000 प्रति डोज | ₹9,000 – ₹11,000 प्रति डोज |
11. लड़कों के लिए HPV वैक्सीन: क्यों है जरूरी? (Gender Neutral Vaccination)
अक्सर माना जाता है कि HPV सिर्फ महिलाओं के लिए है, लेकिन 2026 की नई हेल्थ गाइडलाइन्स के अनुसार लड़कों का वैक्सीनेशन भी उतना ही महत्वपूर्ण है:
- प्रसार रोकना: लड़के इस वायरस के साइलेंट कैरियर हो सकते हैं।
- अन्य कैंसर से बचाव: यह पुरुषों में होने वाले गुदा (Anal) और गले के कैंसर के खतरे को कम करता है।
- Herd Immunity: जब दोनों जेंडर वैक्सीनेट होते हैं, तो वायरस का अस्तित्व खत्म होने की संभावना बढ़ जाती है।
12. वैक्सीनेशन के बाद की सावधानियां (Post-Vaccination Care)
वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- ऑब्जर्वेशन: इंजेक्शन लगने के बाद कम से कम 15-20 मिनट तक अस्पताल में ही रुकें ताकि किसी भी तुरंत होने वाली एलर्जी या चक्कर आने की जांच की जा सके।
- दर्द और सूजन: इंजेक्शन वाली जगह पर बर्फ से सिकाई की जा सकती है।
- स्क्रीनिंग मत छोड़ें: याद रखें, वैक्सीन बचाव है, इलाज नहीं। 25-30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित Pap Smear या HPV DNA Test करवाते रहना चाहिए।
13. भविष्य की राह: 90-70-90 लक्ष्य
WHO ने 2030 तक सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के लिए एक लक्ष्य रखा है जिसे भारत ने भी अपनाया है:
- 90% लड़कियों का 15 वर्ष की आयु तक पूर्ण टीकाकरण।
- 70% महिलाओं की 35 और 45 वर्ष की आयु तक उच्च गुणवत्ता वाली स्क्रीनिंग।
- 90% चिन्हित महिलाओं का सही समय पर इलाज।
निष्कर्ष (Conclusion)
HPV Vaccination केवल एक मेडिकल प्रोसीजर नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। भारत सरकार की नई मुहिम और स्वदेशी वैक्सीन की उपलब्धता ने इसे अब हर घर तक पहुँचा दिया है।
अगर आपके घर में 9 से 14 वर्ष की बेटियां हैं, तो बिना देर किए अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उन्हें सुरक्षा का यह उपहार दें। याद रखें, Prevention is always better than cure.
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या लड़कों को भी HPV वैक्सीन लगवानी चाहिए? हाँ, कई देशों में लड़कों को भी यह वैक्सीन दी जाती है ताकि वे वायरस के वाहक न बनें और उन्हें अन्य प्रकार के कैंसर से सुरक्षा मिले।
- वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स क्या हैं? हल्का बुखार, इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन या दर्द इसके सामान्य साइड इफेक्ट्स हैं जो 1-2 दिन में ठीक हो जाते हैं।
- वैक्सीन लगवाने के बाद क्या Pap Smear टेस्ट की जरूरत है? हाँ, 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित तौर पर स्क्रीन टेस्ट (Pap Smear) कराते रहना चाहिए, भले ही उन्होंने वैक्सीन लगवाई हो।