
Auto Sweep आज के समय में बैंक में पैसे रखने पर उस पर केवल कुछ % ब्याज ही मिलता है जो केवल सामान्य हैं लेकिन अब बैंक आप एक नई सुविधा दे रहा है क्या आप जानते हैं कि आपके Savings Account में पड़ा खाली पैसा आपको मालामाल कर सकता है? अक्सर हम सेविंग्स अकाउंट में पैसा इसलिए रखते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाल सकें, लेकिन वहां ब्याज (Interest) बहुत कम मिलता है—लगभग 2.5% से 3.5% तक। वहीं, Fixed Deposit (FD) में 6% से 7.5% तक ब्याज मिलता है, पर वहां पैसा ‘Lock-in’ हो जाता है।
इस समस्या का समाधान है Auto Sweep FD।
1. Auto Sweep Facility क्या है? (What is Auto Sweep FD?)
इसे Flexi Fixed Deposit भी कहा जाता है। यह एक ऐसा हाइब्रिड सिस्टम है जो आपके सेविंग्स अकाउंट को FD अकाउंट से जोड़ देता है।
- इसमें आप एक Threshold Limit (तय सीमा) सेट करते हैं (जैसे ₹25,000)।
- जैसे ही आपके अकाउंट में इस लिमिट से ज्यादा पैसा आता है, वह एक्स्ट्रा अमाउंट अपने-आप FD में बदल जाता है।
- उदाहरण: अगर लिमिट ₹25,000 है और आपके खाते में ₹40,000 आ गए, तो ₹15,000 की ऑटोमैटिक FD बन जाएगी और उस पर आपको FD वाला हाई इंटरेस्ट मिलेगा।
2. ऑटो स्वीप के जबरदस्त फायदे (Benefits of Auto Sweep Account)
फाइनेंशियल एक्सपर्ट राजशेखर के अनुसार, यह फीचर युवाओं और छोटे सेवर्स के लिए बेस्ट है:
- High Interest: सेविंग्स अकाउंट के बैलेंस पर भी FD जैसा 7% तक का ब्याज।
- Liquidity (जब चाहें पैसा निकालें): आपको FD तोड़ने के लिए बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ते। जब आप पैसे निकालते हैं, तो FD अपने-आप टूटकर सेविंग्स अकाउंट में आ जाती है।
- No Lock-in Period: आपका पैसा कभी ब्लॉक नहीं होता।
- TDS Adjustment: इसमें TDS एडजस्टमेंट की सुविधा भी मिलती है।
- Offers & Cashbacks: कई बैंक इस सुविधा के साथ स्पेशल ऑफर्स भी देते हैं।Suzuki e-Access Electric Scooter 2026 Launched in India: Price, Range, and Features Detailed
3. इसे एक्टिवेट करने का प्रोसेस (How to Activate Auto Sweep?)
अच्छी खबर यह है कि आप इसे घर बैठे Online Banking या Mobile App के जरिए एक्टिवेट कर सकते हैं।
Net Banking/App: आजकल ज्यादातर बैंक (HDFC, SBI, ICICI आदि) ऐप में ही ‘Enable Auto Sweep’ का ऑप्शन देते हैं।
4. क्या इसके कुछ नुकसान भी हैं? (Disadvantages to Consider)
Account Opening: कुछ बैंक अकाउंट खोलते समय ही यह सुविधा ऑफर करते हैं www.rbi.org.in
Taxable Interest: इस FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। यह आपकी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होगा।
No 80C Benefit: टैक्स सेविंग FD की तरह इसमें Section 80C के तहत छूट नहीं मिलती।
Lower Interest on Short Term: स्वीप-इन FD अक्सर 180 दिन या उससे कम की होती है। छोटी अवधि के कारण इस पर रेगुलर लॉन्ग-टर्म FD के मुकाबले थोड़ा कम ब्याज मिल सकता है।
Penalty Risk: अगर सेविंग्स अकाउंट का बैलेंस तय सीमा से नीचे जाता है, तो बैंक FD तोड़ देता है। कुछ बैंक इस पर 0.5% से 1% तक की पेनल्टी भी लगा सकते हैं।
Minimum Balance: इस सुविधा को जारी रखने के लिए खाते में तय मिनिमम बैलेंस बनाए रखना जरूरी है, वरना बैंक पेनल्टी लगा सकता है या सुविधा बंद कर सकता है।
5. एक्सपर्ट टिप्स: बेहतर रिटर्न के लिए क्या करें?
Maintain Balance: अपने खाते में नियमित रूप से अच्छी रकम रखें। https://onlinesbi.sbi.bank.in/
Check Every Bank’s Rule: हर बैंक में स्वीप-इन की लिमिट अलग होती है। किसी में ₹25,000 तो किसी में ₹1 लाख। अपने बैंक की शर्तें जरूर पढ़ें।
Fintech Apps: आजकल कुछ फिनटेक ऐप्स अपने बैंकिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर 6.75% तक ब्याज की सुविधा दे रहे हैं, उन्हें भी एक्सप्लोर करें।
ऑटो स्वीप की कार्यप्रणाली: LIFO और FIFO का गणित
जब आप पैसा निकालते हैं, तो बैंक आपकी बनी हुई कई छोटी-छोटी FDs में से पैसा कैसे निकालता है? इसके दो तरीके होते हैं:
- LIFO (Last In First Out): जो FD सबसे बाद में बनी है, उसे पहले तोड़ा जाता है। इससे आपकी पुरानी FDs पर ब्याज सुरक्षित रहता है।
- FIFO (First In First Out): जो सबसे पहले बनी थी, उसे पहले तोड़ा जाता है। ज्यादातर एक्सपर्ट्स LIFO को बेहतर मानते हैं। अपना अकाउंट सेट करते समय बैंक से यह जरूर पूछें कि वे कौन सा तरीका अपनाते हैं।
Interest Calculation का पेच
एक बात जो आपको समझनी चाहिए वह है ‘Intermittent Interest’। अगर आपकी FD 30 दिन के लिए बनी थी लेकिन आपने उसे 15वें दिन ही तोड़ दिया, तो बैंक आपको उस 15 दिन की अवधि के लिए लागू होने वाली दर से ब्याज देगा, न कि पूरी की दर से। इसके अलावा, कुछ बैंक एफडी तोड़ने पर 0.5% से 1% की पेनल्टी भी काटते हैं, जिससे आपका प्रभावी ब्याज (Effective Interest) उम्मीद से थोड़ा कम हो सकता है।
TDS (Tax Deducted at Source) के नियम
अगर एक वित्तीय वर्ष में आपकी सभी FDs (ऑटो स्वीप सहित) से मिलने वाला कुल ब्याज ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक है, तो बैंक 10% TDS काटेगा। अगर आपका पैन कार्ड अपडेटेड नहीं है, तो यह कटौती 20% तक हो सकती है। यदि आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो आप Form 15G/15H जमा करके इस कटौती को बचा सकते हैं।
सावधानी: मिनिमम बैलेंस का संकट
ऑटो स्वीप सुविधा वाले खातों में अक्सर ‘Average Monthly Balance’ (AMB) की शर्त ज्यादा होती है। यदि FD स्वीप होने के चक्कर में आपका मुख्य सेविंग्स बैलेंस बहुत कम हो जाता है और आप मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं कर पाते, तो मिलने वाले ब्याज से कहीं अधिक आप Non-maintenance charges में गंवा सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
Auto Sweep FD उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो लिक्विडिटी (पैसे की उपलब्धता) और हाई रिटर्न दोनों चाहते हैं। यह बिना किसी एक्स्ट्रा मेहनत के आपके पैसे को बढ़ाने का स्मार्ट तरीका है। बस एक्टिवेट करने से पहले अपने बैंक की ‘Penalty’ और ‘Interest Rate’ की शर्तों को ध्यान से पढ़ लें।
क्या आपने अपने बैंक अकाउंट में ऑटो स्वीप एक्टिवेट किया है? अगर नहीं, तो आज ही नेट बैंकिंग चेक करें!
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